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पोप के देश में ग्यारह दिन

SKU: 978-81- 941984-3- 7

700.00

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 340
  • Book Format: हार्ड बाउण्ड, डिजिटल  प्रिंटिंग, रॉयल साइज
  • Publisher: Shubhda Prakashan

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Description

प्रस्तुत पुस्तक लेखक द्वारा इटली की राजधानी रोम, इटली के सबसे सुंदर नगर फ्लोरेंस, गैलीलियो के नगर पीसा तथा संसार के सबसेअद्भुत नगर वेनेजिया आदि नगरों के प्रवास के दौरान हुए अनुभवों के आधार पर इटली के इतिहास, संस्कृति एवं पर्यटन के विविध पक्षों को लेकर लिखी गई है। इटली को यूरोप का भारत कहा जाता है क्योंकि इटली का प्राचीनतम धर्म, भाषा एवं संस्कृति भारत से गए थे जबकि रोम को भारत में दुनिया की नाभि कहा जाता है क्योंकि रोम का धर्म, भाषा एवं संस्कृति समूचे यूरोप, अनेक एशियाई देशों, अमरीकी महाद्वीपों एवं ऑस्ट्रेलिया में समाए हुए हैं। आज के रोम की पहचान पोप से है जो रोम के भीतर बसे वेटिकन सिटी नामक स्वतंत्र देश का स्वतंत्र शासक है। रोम सदा से ही पोप का देश नहीं था। पोप के अस्तित्व में आने से पहले रोम की धरती पर बहुत कुछ ऐसा घटित हो चुका था जो न केवल प्राचीन रोम की पहचान है अपितु पूरी दुनिया को आज भी आकर्षित करता है। फिर भी पोप ही इस देश की धड़कन है और पोप ही इस देश की वास्तविक पहचान है।