Description
डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक विजयनगर राज्य का इतिहास दक्षिण भारत के सबसे गौरवशाली और शक्तिशाली हिंदू साम्राज्य के उत्थान और पतन का एक प्रामाणिक व विस्तृत दस्तावेज है। इस पुस्तक में लेखक ने 14वीं शताब्दी में हरिहर और बुक्का द्वारा स्थापित इस महान साम्राज्य की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास यात्रा का सजीव वर्णन किया है। साम्राज्य की स्थापना व चुनौतियाँ: चारों ओर शत्रु राज्यों (विशेषकर बहमनी साम्राज्य) से घिरे होने के बावजूद विजयनगर राज्य की स्थापना, निरंतर होने वाले सैन्य संघर्षों और इसके अद्वितीय अस्तित्व की गाथा। स्वर्णिम काल और वास्तुकला: महान शासक कृष्णदेवराय के शासनकाल का विस्तृत वर्णन, जिसमें राज्य की अपार धन-संपदा, बेजोड़ वास्तुकला (जैसे हम्पी के मंदिर), साहित्य और उत्कृष्ट प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला गया है। राजवंश और पतन: संगम, सालुव, तुलुव और अराविडू वंशों के इतिहास के साथ-साथ तालिकोटा के विनाशकारी युद्ध (1565 ई.) के बाद इस भव्य साम्राज्य के दुःखद अंत का तथ्यात्मक विश्लेषण। इतिहास के शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक अत्यंत उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।




