Description
यह 384 पृष्ठों का प्रामाणिक ग्रंथ जालोर के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास का एक समग्र दस्तावेज है। इसमें जालोर, भीनमाल और सांचोर के पौराणिक काल से लेकर प्राचीन भौगोलिक स्थिति का विस्तृत वर्णन किया गया है। पुस्तक में गुप्त, हूण, गुर्जर- प्रतिहार, परमार और चालुक्य जैसे प्रारंभिक राजवंशों के शासन से लेकर सोनगरा चौहानों के उत्कर्ष और अलाउद्दीन खिलजी के विरुद्ध उनके ऐतिहासिक संघर्ष का गहराई से विश्लेषण किया गया है। इसके अतिरिक्त, मध्यकाल में मुगलों की चुनौतियों और मारवाड़ के राठौड़ों के अधीन जालोर की प्रशासनिक स्थिति को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। यह ग्रंथ मात्र युद्धों और राजनीतिक दांव-पेच का विवरण नहीं है; बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक आस्थाओं और भीनमाल की महान विद्वत परंपरा का भी जीवंत चित्रण करता है। संक्षेप में, यह शोध ग्रंथ जालोर के जनजीवन और साहित्यिक समृद्धि को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य के साथ जोड़कर प्रस्तुत करता है।




