Description
डॉ. लता शर्मा द्वारा रचित ग्रंथ “डॉ. मोहनलाल गुप्ताजी के उपन्यासों में सौन्दर्य दृष्टि मुख्य रूप से साहित्य और सौन्दर्य शास्त्र (Aesthetics) के अंतर्संबंधों पर आधारित एक उत्कृष्ट शोधग्रंथ है। इस पुस्तक की मुख्य विषय वस्तु डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित तीन प्रमुख ऐतिहासिक उपन्यासों— चित्रकूट का चातक, संघर्ष और पासवान गुलाबराय —की तात्विक और मार्मिक समालोचना करना है। डॉ. लता शर्मा ने भारतीय चिंतन परंपरा, रस-मीमांसा और सौन्दर्य के सिद्धांतों के आधार पर इन उपन्यासों का गहराई से विश्लेषण किया है। ग्रंथ में यह स्पष्ट किया गया है कि डॉ. गुप्ता ने अपने उपन्यासों में इतिहास की प्रामाणिकता और साहित्य की कल्पना का अत्यंत सुंदर समन्वय कैसे किया है। पुस्तक का मूल स्वर यह दर्शाता है कि एक रचनाकार अपने साहित्य-सृजन के माध्यम से किस प्रकार सृष्टि को सुंदर बनाने की साधना करता है। संक्षेप में, यह कृति इन उपन्यासों में निहित कला और साहित्यिक सौन्दर्य का एक प्रामाणिक अध्ययन प्रस्तुत करती है।




