Description
डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक भारतीय ज्योतिष एवं काल गणना का इतिहास भारत की अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और वैज्ञानिक खगोलीय परंपराओं का एक प्रामाणिक दस्तावेज है। इस पुस्तक में लेखक ने भारतीय खगोल विज्ञान (ज्योतिष) और समय मापन (काल गणना) की विकास यात्रा को वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक बड़ी स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया है। काल गणना की वैज्ञानिकता: यह ग्रंथ निमेष, पल, घटी, दिन, मास और वर्ष से लेकर युग और कल्प जैसी विशाल भारतीय कालगणना प्रणालियों के गणितीय एवं वैज्ञानिक आधार को विस्तार से समझाता
है।
महान भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान: इसमें आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य जैसे प्राचीन भारतीय खगोलशास्त्रियों के अभूतपूर्व शोधों और उनके द्वारा रचित ग्रंथों पर प्रकाश डाला गया है।
ऐतिहासिक विकास: पुस्तक में भारतीय पंचांग प्रणाली के उद्भव, ग्रहों की गति के अध्ययन और प्राचीन काल से लेकर सवाई जयसिंह की वेधशालाओं (जंतर-मंतर) तक के ऐतिहासिक सफर का वर्णन है। यह पुस्तक उन सभी पाठकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए एक अमूल्य निधि है, जो भारत के प्राचीन विज्ञान और इसके गौरवशाली खगोलीय इतिहास को गहराई से समझना चाहते हैं।




