Description
इस पुस्तक में उर्दू भाषा के जन्म से लेकर, भारत की आजादी से पहले और बाद में हुए हिन्दी-उर्दू संघर्ष का इतिहास लिखा गया है। इस पुस्तक में बताया गया है कि किस प्रकार भारत विभाजन के समय हिन्दुओं ने हिन्दी भाषा को और मुसलमानों ने उर्दू भाषा को हथियार बनाकर सड़क से लेकर न्यायालयों तक में संघर्ष किया। इस पुस्तक में उन व्यंग्य रचनाओं का परिचय भी दिया गया है जो हिन्दी और उर्दू को नीचा दिखाने के लिए लिखी गई थीं।




