Description
यह पुस्तक राजस्थान के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने वाले संग्रहालयों एवं अभिलेखागारों का एक प्रामाणिक और संयुक्त दस्तावेज है। इस अमूल्य ग्रंथ को दो आयामों में प्रस्तुत किया गया है: पुस्तक के पहले भाग में संग्रहालय की अवधारणा के विकास, आदिम व प्राचीन चिह्नों और राजस्थान के 18 सरकारी व विभिन्न निजी संग्रहालयों का परिचय दिया गया है। यह दर्शाता है कि संग्रहालय कैसे कला, विज्ञान और सामाजिक विकास का विश्वसनीय दर्पण हैं। पुस्तक के दूसरे भाग में राज्य के प्रमुख अभिलेखागारों, प्राच्य विद्या प्रतिष्ठानों और विश्व के सबसे अनूठे ठिकाना अभिलेखों का विस्तृत वर्णन है। यह पाण्डुलिपियों, ताम्रपत्रों, शासकीय आदेशों, संधियों और बहियों जैसी अमूल्य लिखित सामग्री के संरक्षण तथा इतिहास- लेखन में उनके महत्व को उजागर करता है। संक्षेप में, यह पुस्तक दुनिया भर के शोधार्थियों, इतिहासकारों, विद्यार्थियों और राजस्थान आने वाले लाखों पर्यटकों की बौद्धिक जिज्ञासा को शांत करने के लिए एक बेहतरीन और अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शिका है।




