Availability: In Stock

सब काहू से बैर (HARD BOUND)

80.00

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 104
  • Book Format: हार्डबाउण्ड, ऑफसेट प्रिंटिंग, डिमाईसाइज
  • Publisher: Shubhda Prakashan

25 in stock (can be backordered)

Description

सब काहू से बैर में डॉ. मोहनलाल गुप्ता की 22 हास्य-व्यंग्य रचनाएं संग्रहीत हैं जो देश और काल की तेजी से बदलती-बिगड़ती तस्वीर पर करारी चोट करती हैं। घनघोर पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की चकाचौंध में मानव मूल्यों के अधः पतन को लक्ष्य करके लिखे गये ये व्यंग्य, पाठक के मन को भारत की सामाजिक स्थितियों पर चिंतन के लिये प्रेरित करते हैं। आजादी के बाद विकास एवं आधुनिकता की आड़ में जिस प्रकार भारत के अमरीकीकरण का षड़यंत्र रचा गया है, उस षड़यंत्र का पर्दा-फाश करने वाले ये व्यंग्य तीखी चुभन का अनुभव कराते हैं। भारतीय साहित्य लेखन की समृद्ध परम्परा का ध्यान रखते हुए लेखक ने कड़वी से कड़वी बात को हास्य एवं व्यंग्य की मीठी चाशनी में परोसा है। आप इन्हें एक बार पढ़ना आरम्भ करेंगे तो पुस्तक को पूरी पढ़े बिना नहीं उठेंगे।