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हिन्दुत्व की छाया में इण्डोनेशिया

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Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹280.00.

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 176
  • Book Format: हार्ड बाउण्ड, ऑफसेटप्रिंटिंग, डिमाईसाइज
  • Publisher: Shubhda Prakashan

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Description

हिन्दुत्व की छाया में इण्डोनेशिया – डॉ. मोहनलाल गुप्ता की महत्वपूर्ण कृति

पुस्तक का परिचय

डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित “हिन्दुत्व की छाया में इण्डोनेशिया” (Hindutva Ki Chhaya Me Indonasia) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शोधपरक कृति है, जो भारत और इण्डोनेशिया के प्राचीन सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को उजागर करती है। यह पुस्तक इस तथ्य को प्रमाणित करती है कि इण्डोनेशिया, जो आज एक मुस्लिम बहुल देश है, कभी भारतीय संस्कृति और हिन्दू परंपराओं से गहराई से प्रभावित रहा है।

लेखक ने इस पुस्तक में ऐतिहासिक प्रमाणों, पुरातात्विक साक्ष्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के आधार पर यह दर्शाने का प्रयास किया है कि हिन्दुत्व केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव दक्षिण-पूर्व एशिया के अनेक देशों तक फैला। इण्डोनेशिया इसका सबसे सशक्त उदाहरण है।

पुस्तक की मुख्य विशेषताएं

1. ऐतिहासिक प्रमाणों पर आधारित शोध

यह पुस्तक केवल कल्पनाओं पर आधारित नहीं है, बल्कि इसमें शिलालेखों, मंदिरों, प्राचीन ग्रंथों और यात्रियों के विवरणों के माध्यम से तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं।

2. सरल एवं प्रभावी भाषा

डॉ. गुप्ता ने जटिल ऐतिहासिक विषयों को भी सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया है, जिससे सामान्य पाठक भी इसे आसानी से समझ सकता है।

3. भारत-इण्डोनेशिया सांस्कृतिक संबंधों का विश्लेषण (Relations between India and Indonasia)

पुस्तक में दोनों देशों के बीच धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक समानताओं को विस्तार से समझाया गया है।

4. चित्रों एवं उदाहरणों का उपयोग

जहां आवश्यक हो, वहां उदाहरणों और संदर्भों के माध्यम से विषय को रोचक बनाया गया है, जिससे पाठक की रुचि बनी रहती है।

इण्डोनेशिया पर हिन्दुत्व का प्रभाव (Effect of Hinduism on Indonasia)

प्राचीन काल में भारतीय प्रभाव

इण्डोनेशिया के इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं जो यह दर्शाते हैं कि वहां भारतीय संस्कृति का गहरा प्रभाव था। विशेष रूप से रामायण और महाभारत जैसी महाकाव्य कथाएं वहां के लोकजीवन में आज भी जीवित हैं।

धार्मिक परंपराएं

इण्डोनेशिया के बाली द्वीप पर आज भी हिन्दू धर्म का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है। वहां के मंदिर, पूजा पद्धतियां और त्योहार भारतीय परंपराओं से मिलते-जुलते हैं।

भाषा और लिपि पर प्रभाव

संस्कृत भाषा का प्रभाव इण्डोनेशियाई भाषा पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। अनेक शब्द और नाम संस्कृत मूल के हैं।

पुस्तक में कवर किए गए प्रमुख विषय

1. इण्डोनेशिया का प्राचीन इतिहास

इस भाग में इण्डोनेशिया के उन राजवंशों और साम्राज्यों का वर्णन किया गया है, जिन पर भारतीय संस्कृति का प्रभाव था, जैसे श्रीविजय और मजापहित साम्राज्य।

2. हिन्दू धर्म का प्रसार

पुस्तक में यह बताया गया है कि किस प्रकार भारतीय व्यापारी, साधु और विद्वान इण्डोनेशिया पहुंचे और वहां हिन्दू धर्म तथा संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया।

3. रामायण और महाभारत की परंपरा

इण्डोनेशिया में रामायण और महाभारत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। वहां के नृत्य-नाटक (जैसे “वायंग”) इन कथाओं पर आधारित हैं।

4. मंदिर स्थापत्य और कला

इण्डोनेशिया के प्रसिद्ध मंदिर, जैसे बोरोबुदुर और प्रम्बानन, भारतीय स्थापत्य शैली से प्रभावित हैं। पुस्तक में इनका विस्तृत वर्णन किया गया है।

5. आधुनिक इण्डोनेशिया में हिन्दुत्व की झलक

आज भी इण्डोनेशिया के राष्ट्रीय प्रतीकों, नामों और सांस्कृतिक आयोजनों में हिन्दू परंपराओं की झलक मिलती है।

यह पुस्तक क्यों पढ़ें?

शोधार्थियों के लिए उपयोगी

इतिहास, संस्कृति और धर्म के शोधकर्ताओं के लिए यह पुस्तक अत्यंत महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री प्रदान करती है।

सामान्य पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक

जो पाठक भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को समझना चाहते हैं, उनके लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है।

भारतीय गौरव का परिचय

यह पुस्तक पाठकों को यह समझने में मदद करती है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत कितनी व्यापक और प्रभावशाली रही है।

निष्कर्ष

“हिन्दुत्व की छाया में इण्डोनेशिया” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक यात्रा है, जो पाठक को भारत से इण्डोनेशिया तक के ऐतिहासिक संबंधों से परिचित कराती है। डॉ. मोहनलाल गुप्ता ने इस कृति के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव सीमाओं से परे जाकर विश्व के अनेक हिस्सों तक पहुंचा।

यदि आप भारतीय इतिहास, संस्कृति और उसके वैश्विक प्रभाव को गहराई से समझना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक अमूल्य धरोहर सिद्ध होगी।