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साहित्य की दो महान रचनाएं – उर्दू बीबी की मौत, एकलगिढ दाढाळै री वात [Paperback]

SKU: 978- 819697165 6

Original price was: ₹320.00.Current price is: ₹185.00.

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 136
  • Book Format: पेपरबैक, डिजीटल प्रिंटिंग, रॉयल साइज
  • Publisher: Shubhda Prakashan

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Description

यह दो पुस्तकों का सैट है। उर्दू बीबी की मौत में उर्दू भाषा के जन्म से लेकर, भारत की आजादी से पहले और बाद में हुए हिन्दी-उर्दू संघर्ष का इतिहास लिखा गया है। इस पुस्तक में बताया गया है कि किस प्रकार भारत विभाजन के समय हिन्दुओं ने हिन्दी भाषा को और मुसलमानों ने उर्दू भाषा को हथियार बनाकर सड़क से लेकर न्यायालयों तक में संघर्ष किया। इस पुस्तक में उन व्यंग्य रचनाओं का परिचय भी दिया गया है जो हिन्दी और उर्दू को नीचा दिखाने के लिए लिखी गई थीं। एकलगिढ दाढाळै री वा़त डिंगल भाषा में प्रतीक शैली में लिखी गई हास्य-व्यंग्यपूर्ण शौर्यकथा का हिन्दी अनुवाद है। इस कथा में उच्च आदर्शों से प्रेरित एक राष्ट्रप्रेमी शूकर परिवार पर वीरत्व का आरोपण किया गया है। अर्थात् इस रचना में एक शूकर परिवार का मानवीकरण किया गया है जिसमें शूकर भी मनुष्यों की तरह अपने राष्ट्र के प्रति उच्च भाव रखते हैं। वे मनुष्यों की तरह सोचते हैं, विचार- विमर्श करते हैं, तपस्या करते हैं, युद्ध करते हैं तथा अपनी भूमि को बचाने के लिए क्षत्रियों की तरह, प्राण रहने तक युद्धक्षेत्र में पीठ नहीं
दिखाने की परम्परा निभाते हैं। वे अपनी संतान को जीवित बनाए रखने के उपाय भी करते हैं ताकि उनकी औलादें पीढ़ी दर पीढ़ी अपने कुल के शत्रुओं से बदला लेते रहें। इस रचना में आज से चार सौ पहले के राजस्थान की संस्कृति एवं परम्पराओं का बहुत ही सुंदर एवं भावनात्मक वर्णन किया गया है।