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कैसे बना था पाकिस्तान

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Original price was: ₹750.00.Current price is: ₹450.00.

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 372
  • Book Format: हार्ड बाउण्ड, डिजिटल  प्रिंटिंग, रॉयल साइज
  • Publisher: Shubhda Prakashan

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Description

कैसे बना था पाकिस्तान – एक ऐतिहासिक विश्लेषण

डॉ. मोहनलाल गुप्ता द्वारा लिखित “कैसे बना था पाकिस्तान” एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कृति है, जो भारत के विभाजन (Partition of India) की जटिल प्रक्रिया, राजनीतिक परिस्थितियों और सामाजिक प्रभावों का गहन अध्ययन प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक न केवल इतिहास प्रेमियों बल्कि शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और Competitive Exams की तैयारी करने वाले पाठकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।


कैसे बना था पाकिस्तान – पुस्तक का परिचय

यह पुस्तक भारत के विभाजन के पीछे के कारणों, घटनाओं और प्रमुख नेताओं की भूमिका को स्पष्ट रूप से समझाती है। डॉ. मोहनलाल गुप्ता ने इस विषय को सरल भाषा और प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत किया है, जिससे पाठक आसानी से समझ सकें कि Pakistan formation history किन परिस्थितियों में हुई।

पुस्तक में 1940 के दशक की राजनीतिक उथल-पुथल, British colonial policy, मुस्लिम लीग की रणनीति, और कांग्रेस की भूमिका का विस्तार से विश्लेषण किया गया है।


मुख्य विषय-वस्तु

भारत विभाजन के कारण

इस खंड में बताया गया है कि धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक मतभेद कैसे धीरे-धीरे गहराते गए और अंततः विभाजन का कारण (Causes of Partition) बने। इसमें Two Nation Theory, communal tensions और ब्रिटिश “Divide and Rule Policy” का विश्लेषण शामिल है।

प्रमुख नेताओं की भूमिका

पुस्तक में Muhammad Ali Jinnah, Mahatma Gandhi, और Jawaharlal Nehru जैसे नेताओं की भूमिका (Role of Leaders) का संतुलित और तथ्यात्मक वर्णन किया गया है।

विभाजन की प्रक्रिया

1947 में भारत के विभाजन की प्रक्रिया (Partition Process) कैसे हुई, सीमाओं का निर्धारण कैसे किया गया, और किन परिस्थितियों में पाकिस्तान का निर्माण हुआ—इन सभी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है।

सामाजिक और मानवीय प्रभाव

“कैसे बना था पाकिस्तान”  का यह भाग विभाजन के दौरान हुए दंगों, विस्थापन (Migration), और मानव त्रासदी (Human Impact) को भावनात्मक और ऐतिहासिक दृष्टि से प्रस्तुत करता है। यह पाठक को उस दौर की वास्तविकता से रूबरू कराता है।


कैसे बना था पाकिस्तान – पुस्तक की विशेषताएं

  • Authentic Historical Analysis – प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित शोध
  • Easy to Understand Language – सरल और स्पष्ट हिंदी भाषा
  • Balanced Perspective – सभी पक्षों का निष्पक्ष विश्लेषण
  • Useful for Exams – UPSC, SSC, NET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सहायक
  • SEO Keywords IncludedIndia Partition History, Pakistan Creation, Historical Books India

यह पुस्तक क्यों पढ़ें?

यदि आप भारत के इतिहास में रुचि रखते हैं और जानना चाहते हैं कि “How Pakistan was created”, तो “कैसे बना था पाकिस्तान” पुस्तक आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह केवल घटनाओं का वर्णन नहीं करती, बल्कि उनके पीछे के कारणों और परिणामों को भी गहराई से समझाती है। डॉ. मोहनलाल गुप्ता की यह कृति इतिहास को जीवंत बनाती है और पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे राजनीतिक निर्णयों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया।


लक्षित पाठक वर्ग

  • इतिहास के विद्यार्थी (History Students)
  • शोधकर्ता (Researchers)
  • Competitive Exam Aspirants
  • General Readers interested in Indian History
  • Online Book Buyers searching for Best History Books in Hindi

पांचजन्य की टिप्पणी-

डॉ. मोहनलाल गुप्ता की पुस्तक “कैसे बना था पाकिस्तान” की समीक्षा करते हुए पांचजन्य ने 11 अगस्त 2019 में लिखा कि पुस्तक में कथ्य की प्रवाहमान धारा अपने अंदर तमाम छोटी-संकरी धाराओं को लेकर चलती है जो एक अलग पाकिस्तान के लिए रास्ता बनाती रहीं, अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग पुस्तकों के रूप में ढलने की संभावनाएं हैं। पुस्तक को पढ़ते समय बरबस इस ओर ध्यान जाता है।

इसके अलावा “कैसे बना था पाकिस्तान” के अंत में लेखक ने कुछ अनुत्तरित प्रश्न छोड़े हैं जिनमें से हर एक अपने आप में शोध के विषय हैं। जैसे-

1. बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, विपिन चंद्र पाल, मोहनदास गांधी, जवाहरलाल नेहरू, बल्लभ भाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस आदि कांग्रेसी नेताओं तथा वीर सावरकर जैसे गैर-कांग्रेसी नेताओं को भारत की आजादी मांगने के अपराध में कितनी ही बार जेल जाना पड़ा, किंतु जिन्ना, लियाकत अली खाँ सहित मुस्लिम लीग के किसी भी नेता को बिना एक बार भी जेल गए पाकिस्तान कैसे मिल गया?

2. गांधी जी बार-बार क्यों कहते रहे कि कांग्रेस भारत विभाजन का विरोध करेगी, यदि भयानक उपद्रव का खतरा हो तो भी! यहाँ तक कि यदि संपूर्ण भारत जल जाए तो भी? यही जिज्ञासा शायद लेखक की प्रेरणा है जिसकी वजह से अब तक 50 से अधिक पुस्तकें लिख सके हैं।

कुल मिलाकर अगर ऐतिहासिक साक्ष्यों के प्रकाश में पाकिस्तान के बनने की पृष्ठभूमि खंगालने हो तो एक उपयोगी पुस्तक है।

निष्कर्ष

कैसे बना था पाकिस्तान एक ऐसी पुस्तक है जो इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को सरल, सटीक और गहराई से प्रस्तुत करती है। यह न केवल जानकारी प्रदान करती है बल्कि पाठकों को ऐतिहासिक घटनाओं के पीछे की सच्चाई समझने में भी मदद करती है।

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